*संजय गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों से किया निष्पक्षता की अपील*
बैकुंठपुर कोरिया— 13।दिसंबर 2025
शहर के मुख्य मार्ग फव्वारा चौक निवासी संजय गुप्ता आत्मज स्वर्गीय विष्णु दत्त गुप्ता ने अपने खिलाफ लगातार प्रकाशित हो रही कथित एकपक्षीय और दुर्भावनापूर्ण खबरों को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पत्रकार द्वारा उन्हें लगातार “भूमाफिया” बताकर झूठे व भ्रामक समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं, जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
संजय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा प्लॉट नंबर 155/2 पर निर्मित भवन पूरी तरह वैध है। उन्होंने बताया कि उक्त भवन का विधिवत पट्टा उनके पास उपलब्ध है तथा वे वर्षों से नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में भवन कर (टैक्स) का नियमित भुगतान करते आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भवन अवैध होता तो क्या नगर पालिका द्वारा टैक्स वसूला जाता?
जेल की सुरक्षा को खतरे संबंधी आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनका भवन और जेल परिसर के बीच सार्वजनिक मार्ग स्थित है, वे जेल परिसर से अलग दिशा में भवन के मालिक हैं। उन्होंने बताया कि बैकुंठपुर जेल स्टेट कालीन भवन में संचालित हो रही है और शहर के विकास के साथ उसके आसपास आबादी और अन्य शासकीय एवं निजी भवन बने हैं, जिनमें पुलिस लाइन की चार मंजिला इमारत, जेल की पानी की टंकी, जनपद पंचायत भवन, डॉक्टरों के आवास, सामुदायिक भवन सहित कई निजी मकान शामिल हैं, जो जेल के 100 मीटर के दायरे में स्थित हैं। ऐसे में केवल उनके भवन को ही सुरक्षा के लिए खतरा बताना अनुचित है।
उन्होंने यह भी कहा कि जेल के पास लगभग 45 एकड़ शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद आज भी आज़ादी के समय बने पुराने भवन में ही जेल का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा जेल के इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और नए निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं, जबकि शहर का विकास स्वाभाविक प्रक्रिया है।
संजय गुप्ता ने महिला जेल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुरुष और महिला बंदियों के लिए एक ही मुख्य प्रवेश द्वार है और केवल दीवार बनाकर दोनों को अलग किया गया है, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है, लेकिन इस पर कभी सवाल नहीं उठाए जाते।
उन्होंने कहा कि एक दुर्भावना से ग्रसित पत्रकार द्वारा अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग कर उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाकर अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं को शहर के एक संभ्रांत परिवार से बताते हुए कहा कि न तो उनका निर्माण अवैध है, न ही वे भूमाफिया हैं और न ही केवल उनकी ही इमारत जेल के 100 मीटर के दायरे में आती है।
अंत में संजय गुप्ता ने सभी पत्रकार बंधुओं से निष्पक्षता की अपील करते हुए कहा कि वे आवश्यक सभी दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत करने को तैयार हैं। उन्होंने आग्रह किया कि उनके पक्ष को भी समान रूप से प्रकाशित कर समाज को सच्चाई से अवगत कराया जाए।
