*मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी CBI सत्यापन आधारित नर्सिंग व्यवस्था की मांग*
मध्य प्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी CBI सत्यापन आधारित नर्सिंग व्यवस्था की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मध्य प्रदेश की तर्ज पर निजी विश्वविद्यालयों को मेडिकल एवं हेल्थ एजुकेशन संचालित करने की अनुमति देने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बीच अब नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश मॉडल लागू करने की मांग उठने लगी है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जब छत्तीसगढ़ सरकार निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में मध्य प्रदेश की व्यवस्था को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो नर्सिंग शिक्षा में भी वहां अपनाई गई स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली को लागू किया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित मामलों में माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा संस्थानों का सत्यापन कराया गया था। CBI की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों को Suitable, Deficient और Unsuitable श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने Suitable पाए गए संस्थानों के संबंध में आगे की मान्यता एवं संबद्धता प्रक्रिया की अनुमति भी दी थी।
इसी व्यवस्था को आधार बनाकर अब छत्तीसगढ़ में INC की केवल Suitability के बजाय स्वतंत्र CBI सत्यापन में Suitable पाए जाने वाले संस्थानों को प्राथमिकता देने की मांग की जा रही है। मांग करने वालों का कहना है कि CBI द्वारा किए गए स्वतंत्र भौतिक सत्यापन से भवन, अस्पताल, फैकल्टी, प्रयोगशाला और अन्य आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है।
मध्य प्रदेश में CBI जांच के बाद कई संस्थानों को अनुपयुक्त पाए जाने पर कार्रवाई भी हुई थी। हालांकि बाद में CBI की जांच प्रक्रिया को लेकर स्वयं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने गंभीर प्रश्न उठाते हुए पुनः जांच के निर्देश दिए थे।
ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन से मांग की गई है कि प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एवं संचालन के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी सत्यापन व्यवस्था विकसित की जाए तथा आवश्यकता होने पर न्यायालय की निगरानी में CBI अथवा किसी अन्य सक्षम स्वतंत्र एजेंसी से संस्थानों का सत्यापन कराया जाए।
मांगकर्ताओं का कहना है कि यदि छत्तीसगढ़ शासन मध्य प्रदेश की तर्ज पर निजी विश्वविद्यालयों को मेडिकल शिक्षा की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है, तो विद्यार्थियों और जनस्वास्थ्य के हित में नर्सिंग शिक्षा के लिए भी ऐसी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, जिसमें केवल वास्तविक रूप से सक्षम और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को ही संचालन एवं प्रवेश की अनुमति मिले।
